na-aashna-e-dard-e-dil-e-be-qaraar log | ना-आश्ना-ए-दर्द-ए-दिल-ए-बे-क़रार लोग

  - Pandit Vidya Rattan Asi
ना-आश्ना-ए-दर्द-ए-दिल-ए-बे-क़रारलोग
क्याजानेंआबरू-ए-ग़म-ए-इंतिज़ारलोग
तस्कीन-ए-दिलकेवास्तेहोतेख़ारलोग
काशजानतेतिरेग़मकावक़ारलोग
नज़रेंबचाकेचलतेहैंबेगाना-वारलोग
इकपलमेंभूलजातेहैंबरसोंकाप्यारलोग
इनकेदिलोंमेंअबवोमोहब्बतनहींरही
कितनाबदलगएहैंइलाहीयेयारलोग
बरसोंकीरस्म-ओ-राहकातोड़ेंयूँँभरम
यूँँबे-तअल्लुक़ीकरेंइख़्तियारलोग
हरइकसुख़नहैतंज़कापहलूलिएहुए
बदलेयेकबकेलेनेलगेमुझसेयारलोग
उनकीतसल्लियाँकिसीकामसकीं
मुझकोबचासकेमिरेग़म-गुसारलोग
हमनेकियाजोजौर-ए-मुसलसलकाशुक्रिया
अपनेकिएपेआपहुएशर्म-सारलोग
इकबे-वफ़ाकीयादसेउलझाहुआहैदिल
छोड़ेंआजज़िक्र-ए-ग़म-ए-रोज़गारलोग
आएगीजबकभीउन्हें'आसी'हमारीयाद
रोएँगेफूटफूटकेदीवाना-वारलोग
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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