zamaane bhar men bahut mo'tabar ujaala hai | ज़माने भर में बहुत मो'तबर उजाला है

  - Pandit Vidya Rattan Asi
ज़मानेभरमेंबहुतमो'तबरउजालाहै
येदेखनाहैमगरकिसकेघरउजालाहै
हुआसामनादोनोंकाइत्तिफ़ाक़नभी
अँधेराहैभीकहींबे-ख़बरउजालाहै
मिरीइसअदनासीजुरअतकीकोईदादतोदे
गोफूँककरहीसहीघरमगरउजालाहै
सुराग़-ए-मंज़िल-ए-हस्तीमिलेमिलेमिले
यहीबहुतहैमिराराहबरउजालाहै
येक्यामक़ामहै'आसी'जहाँहूँसदियोंसे
उधरअँधेराहैमेरेइधरउजालाहै
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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