talkhi-e-ayyaam rahan-e-jaam ki | तल्ख़ी-ए-अय्याम रहन-ए-जाम की

  - Pandit Vidya Rattan Asi
तल्ख़ी-ए-अय्यामरहन-ए-जामकी
बादा-ख़ानेमेंबसरहरशामकी
बज़्ममेंसाक़ीकीचश्म-ए-मस्तने
शर्मरखलीएकतिश्ना-कामकी
काशसुनलेतेवोमेरीदास्ताँ
बातरहजातीदिल-ए-नाकामकी
मिटपाईज़िंदगीकीतल्ख़ियाँ
बादा-नोशीहमनेगोहरशामकी
हमकहाँथेइसक़दरबे-रंग-ओ-नाम
दोस्तोगर्दिशहैसुब्ह-ओ-शामकी
बादाख़्वारोंनेचलनेदीकोई
मय-कदेमेंगर्दिश-ए-अय्यामकी
इसनिगाह-ए-मुख़्तसरकाशुक्रिया
बातबनआईदिल-ए-नाकामकी
आसी-ए-कम-ज़र्फ़नेहंगाममें
अंजुमनकीअंजुमनबदनामकी
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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