imtiyaaz-e-besh-o-kam se door hai | इम्तियाज़-ए-बेश-ओ-कम से दूर है

  - Pandit Vidya Rattan Asi
इम्तियाज़-ए-बेश-ओ-कमसेदूरहै
दिलमोहब्बतकेनशेमेंचूरहै
ग़मउठाकरभीबड़ामसरूरहै
किसक़दरसादादिल-ए-रंजूरहै
एकमुश्त-ए-ख़ाकहैउसकावजूद
आदमीकिसबातपरमग़रूरहै
उसकेआगेएकभीचलतीनहीं
दिलकेहाथोंहरकोईमजबूरहै
हुस्नकोगोनाज़हैख़ुदपरमगरइश्क़भीअपनीजगहमग़रूरहै
हज़रत-ए-'आसी'कीबाबतक्याकहें
शाइ'रअच्छाहैमगरमग़रूरहै
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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