मुफ़लिसोंपरजबकभीआयाशबाब
घड़लिएदुनियानेक़िस्सेबे-हिसाब
कौनजानेउनकीक्याता'बीरहो
हमनेआँखोंमेंसजाएहैंजोख़्वाब
लड़खड़ाजाएँनक्यूँहमबे-पिए
उनकीआँखोंसेछलकतीहैशराब
हाएहमउसकामुक़द्दरक्याकहें
एकदिलहैऔरग़महैंबे-हिसाब
लज़्ज़त-ए-शीरीनी-ए-हस्तीकहाँ
तल्ख़ियोंमेंकटगयादौर-ए-शबाब
राहबरनेहरक़दमधोकादिया
मैंयेसमझामेरीक़िस्मतहैख़राब
दरहम-ओ-बरहमहैनज़्म-ए-ज़िंदगी
ऐग़म-ए-दौराँतिराख़ाना-ख़राब
होशकरऐशोख़अबभीवक़्तहै
तुझकोलेडूबेंगेयेजन्नतकेख़्वाब
हमसेदुनियानेछुपाएथेजोराज़
ख़ुद-ब-ख़ुदहोनेलगेवोबे-नक़ाब
ज़िंदगीभरहज़रत-ए-'आसी'रहे
रहगुज़ार-ए-शौक़मैंना-कामयाब