neem ke patton ka zaKHmon ko dhuaan de deejie | नीम के पत्तों का ज़ख़्मों को धुआँ दे दीजिए

  - P P Srivastava Rind
नीमकेपत्तोंकाज़ख़्मोंकोधुआँदेदीजिए
फिरमिरीआँखोंकोपहरे-दारियाँदेदीजिए
होसकेतोयेनवाज़िशहमफ़क़ीरोंपरकरें
बुझतेरंगोंकाहमेंयेआसमाँदेदीजिए
शब-परस्तोंकोभीतस्कीन-ए-अनामिलजाएगी
उनकाहक़हैउनकोशब-बेदारियाँदेदीजिए
शाख़परकाँटोंकोपैराहनबदलनेकेलिए
मौसमोंकोशबनमीबे-सम्तियाँदेदीजिए
बे-हिसीकाख़ुश्कसासहराहैआँखोंमेंमिरी
धूल-ए-मंज़रसेतोकुछतुग़्यानीयाँदेदीजिए
धुँदलकेतोनौहा-ख़्वानीमेंबहुतमसरूफ़हैं
रातज़ख़्मीहैउसेबैसाखियाँदेदीजिए
आरिज़ीमौसमकोभीएहसास-ए-महरूमीहो
घरकेसन्नाटोंकोएहसास-ए-ज़ियाँदेदीजिए
धूपमेंथोड़ीसीगुंजाइशनिकलआएतो'रिंद'
एकमुट्ठीछाँवकाहीसाएबाँदेदीजिए
  - P P Srivastava Rind
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