mamta bharii nigaah ne roka to dar laga | ममता भरी निगाह ने रोका तो डर लगा

  - P P Srivastava Rind
ममताभरीनिगाहनेरोकातोडरलगा
जबभीशिकारज़ीनसेबाँधातोडरलगा
तन्हाफ़सील-ए-शहरपेबैठीहुईथीशाम
जबधुँदलकोंनेशोरमचायातोडरलगा
अपनेसरोंपेपगड़ियाँबाँधेहुएथेलफ़्ज़
मज़मूनजबनयाकोईबाँधातोडरलगा
बुझतेहुएअलावमेंआतिश-फ़िशाँभीथे
कोहरामरतजगोंनेमचायातोडरलगा
अबदलदलीज़मीनभीतोहम-सफ़रनहीं
दश्त-ए-सराब-ए-संगसेगुज़रातोडरलगा
वीरानसाअतोंकेथेयेआख़िरीनुक़ूश
बे-सम्तियोंनेहमकोबतायातोडरलगा
आसूदगीनेथपकियाँदेकरसुलादिया
घरकीज़रूरतोंनेजगायातोडरलगा
'रिंद'उलझनोंसीरहीबे-कराँसीसोच
फ़िक्र-ए-सुख़नमेंदर्दजोउभरातोडरलगा
  - P P Srivastava Rind
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