ममताभरीनिगाहनेरोकातोडरलगा
जबभीशिकारज़ीनसेबाँधातोडरलगा
तन्हाफ़सील-ए-शहरपेबैठीहुईथीशाम
जबधुँदलकोंनेशोरमचायातोडरलगा
अपनेसरोंपेपगड़ियाँबाँधेहुएथेलफ़्ज़
मज़मूनजबनयाकोईबाँधातोडरलगा
बुझतेहुएअलावमेंआतिश-फ़िशाँभीथे
कोहरामरतजगोंनेमचायातोडरलगा
अबदलदलीज़मीनभीतोहम-सफ़रनहीं
दश्त-ए-सराब-ए-संगसेगुज़रातोडरलगा
वीरानसाअतोंकेथेयेआख़िरीनुक़ूश
बे-सम्तियोंनेहमकोबतायातोडरलगा
आसूदगीनेथपकियाँदेकरसुलादिया
घरकीज़रूरतोंनेजगायातोडरलगा
ऐ'रिंद'उलझनोंसीरहीबे-कराँसीसोच
फ़िक्र-ए-सुख़नमेंदर्दजोउभरातोडरलगा