नशात-ए-दर्दकेमौसममेंगरनमीकमहै
फ़ज़ाकेबर्ग-ए-शफ़क़परभीताज़गीकमहै
सराबबनकेख़लाओंमेंगुमनज़ारा-ए-सम्त
मुझेलगाकिख़लाओंमेंरौशनीकमहै
अजीबलोगहैंकाँटोंपेफूलरखतेहैं
येजानतेहुएइनमेंमुक़द्दरीकमहै
नकोईख़्वाबनयादोंकाबे-कराँसाहुजूम
उदासरातकेख़े
मेंमेंदिलकशीकमहै
मैंअपने-आपमेंबिखराहुआहूँमुद्दतसे
अगरमैंख़ुदकोसमेटूँतोज़िंदगीकमहै
खुलीछतोंपेदुपट्टेहवामेंउड़तेनहीं
तुम्हारेशहरमेंक्याआसमानभीकमहै
पुरानीसोचकोसमझेंतोकोईबातबने
जदीदफ़िक्रमेंएहसास-ए-नग़्मगीकमहै
कहाँसेलाओगेऐ'रिंद'मो'तबरमज़मून
ग़ज़लमेंजबकिरिवायतकीचाशनीकमहै