बे-तअल्लुक़रूहकाजबजिस्मसेरिश्ताहुआ
घरमेंला-वारिसपस-ए-मंज़रकासन्नाटाहुआ
धूपलहजेमेंनोकीलापनकहाँसेलाएगी
हमनेदेखाहैशफ़क़-सूरजअभीबुझताहुआ
चाहताहैदिलकिसीसेराज़कीबातेंकरे
फूलआधीरातकाआँगनमेंहैमहकाहुआ
सुर्ख़मौसमकीकहानीतोपुरानीहोगई
खुलगयामौसमतोसारेशहरमेंचर्चाहुआ
आसमाँज़हराब-मंज़रगुम-शुदाबेज़ारीयां
लम्सतन्हाईकालगताहैमुझेडसताहुआ
हरतरफ़रोतीहुईख़ामोशियोंकाशोरहै
देखनायेमेरीबस्तीमेंअचानकक्याहुआ
जिस्ममेराजागताहैदोनोंआँखेंबंदहैं
औरसन्नाटाहैमेरीरूहतकउतराहुआ
आफ़ियतगरचाहतेहो'रिंद'वापसघरचलो
अबतमाशा-गाहकामंज़रहैकुछबिगड़ाहुआ