haal-e-dil vo poochne aane lage | हाल-ए-दिल वो पूछने आने लगे

  - Ozair Rahman
हाल-ए-दिलवोपूछनेआनेलगे
मरनेवालेज़िंदगीपानेलगे
कोईबतलाएमिलेकैसेक़रार
हरतरफ़जबतुमनज़रआनेलगे
छेड़ाक्याअफ़्सानातुमनेप्यारका
हमभीक़िस्सेकलकेदोहरानेलगे
हुस्नकाचाहारक़ीबोंसेबयाँ
बोलतेक्याख़ाकहकलानेलगे
हैमरज़आँखोंकोलाहक़जानिए
जबबुराईबसनज़रआनेलगे
नींदपरभीलगगईंपाबंदियाँ
जबसेख़्वाबोंमेंहुज़ूरआनेलगे
रातेंतोहोजातीथींअक्सरगराँ
दिनकेहिस्सेमेंभीग़मआनेलगे
इश्क़हैजानमतिजारतयेनहीं
फ़ाएदेकाक्यूँँख़यालआनेलगे
शायदहोजाएफ़लकअबमेहरबाँ
सोचकरहमदिलकोबहलानेलगे
  - Ozair Rahman
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy