mujhe ai zindagi awaaz mat de | मुझे ऐ ज़िंदगी आवाज़ मत दे

  - Ozair Rahman
मुझेज़िंदगीआवाज़मतदे
नहींमंज़िलकोईपर्वाज़मतदे
जिएजाताहूँआदतबनचुकीहै
नहींसुरलगतेयारबसाज़मतदे
नयाहैरूपआलमकाख़ुदाया
अनोखाअबमुझेअंदाज़मतदे
नतीजाजानताहूँदिल-लगीका
सज़ाएँफ़ाख़्ताकोबाज़मतदे
पस-ए-पर्दारहाहैभेदअबतक
नहींहामिलउन्हेंतूराज़मतदे
रहाअंजामहैजिनकीनज़रमें
उन्हेंजोचाहेदेआग़ाज़मतदे
निभायाफ़र्ज़हीकबहुक्मराँका
किसीक़ातिलकोतूए'ज़ाज़मतदे
  - Ozair Rahman
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