mire na-rasa tasavvur ne suraagh pa liya hai | मिरे ना-रसा तसव्वुर ने सुराग़ पा लिया है

  - Owais Ahmad Dauran
मिरेना-रसातसव्वुरनेसुराग़पालियाहै
मैंपतालगाचुकाहूँतूकहाँकहाँछुपाहै
मुझेकौनसर-बुलंदीकीतरफ़बुलारहाहै
मिरानर्गिसीतख़य्युलतोशिकस्तखाचुकाहै
तुझेक़ातिलोंकेनर्ग़ेसेछुड़ाएगाकोई
येहैमक़्तलमुसाफ़िरतूकिसेपुकारताहै
सर-ए-शामजोग़रीबोंकेदिएबुझारहीहैं
उन्हींसाज़िशोंकामरकज़येतिरीमहल-सराहै
कोईमौसमीपरिंदोंसेकहेइधरआएँ
अभीमेरेगुलिस्ताँकीबड़ीमुज़्महिलफ़ज़ाहै
सुनमेरीप्यारीदुनियामिरीबे-क़रारदुनिया
तिरादर्द-मंदशाइरतिरेगीतगारहाहै
वोब-ज़ो'म-ए-ख़ुदगुलिस्ताँकाहैसरबराह'दौराँ'
जोवोचाहेसोकरेगाउसेकौनरोकताहै
  - Owais Ahmad Dauran
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