gamgeen hain dil-figaar hain mere yahaañ ke log | ग़मगीं हैं दिल-फ़िगार हैं मेरे यहाँ के लोग

  - Owais Ahmad Dauran
ग़मगींहैंदिल-फ़िगारहैंमेरेयहाँकेलोग
दामान-ए-तार-तारहैंमेरेयहाँकेलोग
पैदाकियाहैझूटेमसीहाओंनेजिसे
उसदर्दकेशिकारहैंमेरेयहाँकेलोग
क्याजानिएहैंकबसेजिगरसोख़्तामगर
इंसाँकेग़म-गुसारहैंमेरेयहाँकेलोग
गर्दनअगरचेख़महैइताअतकेबोझसे
लेकिनहरीफ़-ए-दारहैंमेरेयहाँकेलोग
'दौराँ'इन्हीकेज़ख़्मसेफूटेगीरौशनी
मानाकिसोगवारहैंमेरेयहाँकेलोग
  - Owais Ahmad Dauran
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