khazaane bhi milen is ke evaz to ham na bechenge | ख़ज़ाने भी मिलें इस के एवज़ तो हम न बेचेंगे

  - Owais Ahmad Dauran
ख़ज़ानेभीमिलेंइसकेएवज़तोहमबेचेंगे
हमाराग़महैमज़लूमोंकाग़मयेग़मबेचेंगे
कुहिस्तानोंसेपत्थरकाटकरलाएँगेहमलेकिन
किसीज़ालिमकेहाथोंज़ख़्मकामरहमबेचेंगे
बलासेधूलफाँकेंयापुरानेचीथड़ेपहनें
मगरयारोमता-ए-इल्म-ओ-दानिशहमबेचेंगे
किसीदरबारमेंजाकरअदबऔरफ़नकीसूरतमें
तुम्हारीअम्बरींज़ुल्फ़ोंकेपेच-ओ-ख़मबेचेंगे
हमाराइंक़लाबआएगाजबतोकामआएगा
अभीअपनीतमन्नाकाउजालाहमबेचेंगे
गुलिस्ताँबेचकरखानाहवस-कारोंकाशेवाहै
चमनवालोपपीहोंकातरन्नुमहमबेचेंगे
भरीमहफ़िलमें'दौराँ'आजहमफिरअहदकरतेहैं
जोहैइंसानियतकीआसवोपरचमबेचेंगे
  - Owais Ahmad Dauran
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