taarikee men deep jalaae insaan kitna pyaara hai | तारीकी में दीप जलाए इंसाँ कितना प्यारा है

  - Owais Ahmad Dauran
तारीकीमेंदीपजलाएइंसाँकितनाप्याराहै
राहेंढूँडेमंज़िलपाएइंसाँकितनाप्याराहै
वक़्त-ए-मुसीबतआँसूपोंछेहमदर्दीकीबातकरे
टूटेदिलकोआसदिलाएइंसाँकितनाप्याराहै
माँगेसौसौतरहमु'आफ़ीछोटीसीइकभूलकीभी
अपनीख़ताओंपरशरमाएइंसाँकितनाप्याराहै
दिलकीधड़कनदिलमेंसमोएगीतकीलयईजादकरे
महफ़िलमहफ़िलसाज़बजाएइंसाँकितनाप्याराहै
लैला-ए-ख़ुद-आगाहकीधुनमेंदामनफाड़ेक़ैसबने
सहरासहराख़ाकउड़ाएइंसाँकितनाप्याराहै
लेकेहरीम-ए-नाज़उसकेशीरींशीरींनग़्मोंको
'दौराँ'कीतौक़ीरबढ़ाएइंसाँकितनाप्याराहै
  - Owais Ahmad Dauran
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