raasta hai pur-khatr ye soch kar | रास्ता है पुर-ख़तर ये सोच कर

  - Om Prabhakar
रास्ताहैपुर-ख़तरयेसोचकर
सुब्हसेबैठाहूँमैंदहलीज़पर
शाख़-ए-तन्हापरकभीथाआशियाँ
आशियाँमेंआसमान-ओ-बाल-ओ-पर
बे-दर-ओ-दीवारदुनियाइश्क़की
खोगयासंसारज़ेर-ए-बाम-ओ-दर
टूटताजाताहैमेराहौसला
रहाहैमेरीजानिबराहबर
चलकितुझकोतेरेघरतकछोड़दूँ
तूअगररहनेदेमुझकोमेरेघर
आजतकआएजोज़ेर-ए-क़लम
ढूँडवोअल्फ़ाज़जोहैंदर-ब-दर
  - Om Prabhakar
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