hamaari khalvaton ki dhun dar-o-deewar sunte hain | हमारी ख़ल्वतों की धुन दर-ओ-दीवार सुनते हैं

  - Om Prabhakar
हमारीख़ल्वतोंकीधुनदर-ओ-दीवारसुनतेहैं
चमनकेरंग-ओ-बूकीबंदिशोंकोख़ारसुनतेहैं
हवासरगोशियाँकरतीहैजोचिड़ियोंकेकानोंमें
उसेउड़तेहुएरंगीनगुलपर-दारसुनतेहैं
हवाएँहादसोंकेजोइशारेलेकेआतीहैं
उन्हेंहमअनसुनाकरदेंमगरअश्जारसुनतेहैं
सभीसुनतेहैंघरमेंसिर्फ़अपनी-अपनीदिलचस्पी
धँसकतेबाम-ओ-दरकीसिसकियाँमें'मारसुनतेहैं
ज़बाँजोदिलमेंरहतीहैकभीलबपरनहींआती
उसेकोईनहींसुनतामगरफ़नकारसुनतेहैं
  - Om Prabhakar
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