kuchh nazaare hain kuchh nazar baaki | कुछ नज़ारे हैं कुछ नज़र बाक़ी

  - Om Prabhakar
कुछनज़ारेहैंकुछनज़रबाक़ी
औरकुछकोसकासफ़रबाक़ी
रहगयाहैकिताबमेंदिनकी
शामकाबाब-ए-मुख़्तसरबाक़ी
इसख़िज़ाँमेंभीकुछमहकताहै
दिलहैबाक़ीअभीजिगरबाक़ी
ख़ाकहीख़ाकहूँमगरछूमतइश्क़काहैअभीशररबाक़ी
वक़्त-ए-रुख़्सतपलटकेबरसीजो
हैनिगाहोंमेंवोनज़रबाक़ी
धुलगईथीजोतेरेअश्कोंसे
ख़तमेंवोहीहैइकसतरबाक़ी
कसमसातेहैंपाँवकेछाले
हैअभीभीकोईसफ़रबाक़ी
  - Om Prabhakar
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