shikast-e-jaan se siva bhi hai kaar-e-fan kya kya | शिकस्त-ए-जाँ से सिवा भी है कार-ए-फ़न क्या क्या

  - Obaidullah Aleem
शिकस्त-ए-जाँसेसिवाभीहैकार-ए-फ़नक्याक्या
अज़ाबखींचरहाहैमिराबदनक्याक्या
कोईहिज्रकादिनहैकोईवस्लकीरात
मगरवोशख़्सकिहैजान-ए-अंजुमनक्याक्या
अदाहुईहैकईबारतर्क-ए-इश्क़कीरस्म
मगरहैसरपेवहीक़र्ज़-ए-जान-ओ-तनक्याक्या
निगाह-ए-बुलहवसाँहाएक्याक़यामतहै
बदलरहेहैंगुल-ओ-लालापैरहनक्याक्या
गुज़रगएतोगुज़रतेरहेबहुतख़ुर्शीद
जोरंगलाईतोलाईहैइककिरनक्याक्या
क़रीबथाकिमैंकार-ए-जुनूँसेबाज़आऊँ
खिंचीख़यालमेंतस्वीर-ए-कोह-कनक्याक्या
  - Obaidullah Aleem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy