neend aankhoñ se udri phool se khushboo ki tarah | नींद आँखों से उड़ी फूल से ख़ुश्बू की तरह

  - Obaidullah Aleem
नींदआँखोंसेउड़ीफूलसेख़ुश्बूकीतरह
जीबहलजाएगाशबसेतिरेगेसूकीतरह
दोस्तोजश्नमनाओकिबहारआईहै
फूलगिरतेहैंहरइकशाख़सेआँसूकीतरह
मेरीआशुफ़्तगी-ए-शौक़मेंइकहुस्नभीहै
तेरेआरिज़पेमचलतेहुएगेसूकीतरह
अबतिरेहिज्रमेंलज़्ज़ततिरेवस्लमेंलुत्फ़
इनदिनोंज़ीस्तहैठहरेहुएआँसूकीतरह
ज़िंदगीकीयहीक़ीमतहैकिअर्ज़ांहोजाओ
नग़्मा-ए-दर्दलिएमौजा-ए-ख़ुश्बूकीतरह
किसकोमालूमनहींकौनथावोशख़्स'अलीम'
जिसकीख़ातिररहेआवाराहमआहूकीतरह
  - Obaidullah Aleem
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