haso to rang hooñ chehre ka roo to chashm-e-nam men hooñ | हँसो तो रंग हूँ चेहरे का रोओ तो चश्म-ए-नम में हूँ

  - Obaidullah Aleem
हँसोतोरंगहूँचेहरेकारोओतोचश्म-ए-नममेंहूँ
तुममुझकोमहसूसकरोतोहरमौसममेंहूँ
चाहाथाजिसेवोमिलभीगयापरख़्वाबभरेहैंआँखोंमें
मेरेलहूकीलहरबताअबकौनसेमैंआलममेंहूँ
लोगमोहब्बतकरनेवालेदेखेंगेतस्वीरअपनी
एकशुआ-ए-आवाराहूँआईना-ए-शबनममेंहूँ
उसलम्हेतोगर्दिश-ए-ख़ूँनेमेरीयेमहसूसकिया
जैसेसरपेज़मींउठाएइकरक़्स-ए-पैहममेंहूँ
यारमिराज़ंजीरेंपहनेआयाहैबाज़ारोंमें
मैंकितमाशादेखनेवालेलोगोंकेमातममेंहूँ
जोलिक्खेवोख़्वाबमिरेअबआँखोंआँखोंज़िंदाहैं
जोअबतकनहींलिखपायामैंउनख़्वाबोंकेग़ममेंहूँ
  - Obaidullah Aleem
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