hawaa-e-shaam na jaane kahaan se aati hai | हवा-ए-शाम न जाने कहाँ से आती है

  - Obaid Siddiqi
हवा-ए-शामजानेकहाँसेआतीहै
वहाँगुलाबबहुतहैंजहाँसेआतीहै
येकिसकाचेहरादमकताहैमेरीआँखोंमें
येकिसकीयादमुझेकहकशाँसेआतीहै
इसीफ़लकसेउतरताहैयेअँधेराभी
येरौशनीभीइसीआसमाँसेआतीहै
येकिसनेख़ाकउड़ादीहैलाला-ज़ारोंमें
ज़मींपेऐसीतबाहीकहाँसेआतीहै
सदा-ए-गिर्याजिसेएकमैंहीसुनताहूँ
हुजूम-ए-शहरतिरेदरमियाँसेआतीहै
  - Obaid Siddiqi
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