ha | हमें कुछ और जीना है तो दिल को शाद रक्खेंगे

  - Obaid Siddiqi
हमेंकुछऔरजीनाहैतोदिलकोशादरक्खेंगे
बहुतकुछभूलजाएँगेबहुतकुछयादरक्खेंगे
अभीकुछऔरकरतबदेखनेभीहैंदिखानेभी
तमाशा-गाह-ए-आलमहमतुझेआबादरक्खेंगे
अगरघरकाख़यालआयातोरस्ताभूलजाएँगे
सफ़रमेंदश्तकोजातेहुएहमयादरक्खेंगे
मुक़ाबिलआएँगेहरबारताज़ाहौसलालेकर
तुझेहमआज़माइशमेंसितम-ईजादरक्खेंगे
पुरानीहोगईदुनियाउसेमिस्मारकरनाहै
नईतामीरकीख़ातिरनईबुनियादरक्खेंगे
  - Obaid Siddiqi
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