तर्क-ए-तअल्लुक़ातनहींचाहताथामैं
ग़मसेतिरेनजातनहींचाहताथामैं
कबचाहताथातेरीइनायतकीबारिशें
शादाबी-ए-हयातनहींचाहताथामें
मुझसेतूऐबहिश्त-ए-नज़रयूँँनज़रनफेर
क्यातुझकोता-हयातनहींचाहताथामैं
मैंचाहताथातुमसेनजीतूँकभीमगर
खाजाऊँख़ुदसेमातनहींचाहताथामैं
गुज़रीहैदिलपेकैसीक़यामतमैंक्याकहूँ
नफ़रतकीकाएनातनहींचाहताथामैं
क्याहालअबहैतेरेतआक़ुबमेंऐहयात
तूयूँँहीआएहातनहींचाहताथामैं
मैंचाहताथाराहमेंकुछमुश्किलेंमगर
हरहरक़दमपेघातनहींचाहताथामैं
'राग़िब'वोमेरीफ़िक्रमेंख़ुदकोभीभूलजाएँ
ऐसीतोकोईबातनहींचाहताथामैं