ho charaagh-e-ilm raushan theek se | हो चराग़-ए-इल्म रौशन ठीक से

  - Iftikhar Raghib
होचराग़-ए-इल्मरौशनठीकसे
लोगवाक़िफ़होंनईतकनीकसे
इल्मसेरौशनतोहैउनकादिमाग़
दिलकेगोशेहैंमगरतारीकसे
रायउसपरमतकरोक़ाएमकोई
जानतेजिसकोनहींनज़दीकसे
मर्तबाकिसकाहैकैसाक्यापता
बाज़आनाचाहिएतज़हीकसे
हाथफैलानामुक़द्दरबनजाए
पेटभरनाछोड़दीजेभीकसे
जुड़गयाशीशाभरोसेकामगर
रहगएहैंबालकुछबारीकसे
जिसकामक़्सदअदलअम्नआतिशी
दिलहैवाबस्ताउसीतहरीकसे
बे-सबब'राग़िब'तड़पउठताहैदिल
दिलकोसमझानापड़ेगाठीकसे
  - Iftikhar Raghib
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