ik badi jang lad raha hooñ main | इक बड़ी जंग लड़ रहा हूँ मैं

  - Iftikhar Raghib
इकबड़ीजंगलड़रहाहूँमैं
हँसकेतुझसेबिछड़रहाहूँमैं
जैसेतुमनेतोकुछकियाहीनहीं
सारेफ़ित्नेकीजड़रहाहूँमैं
एकतेरेलिएरफ़ीक़-ए-दिल
इकजहाँसेझगड़रहाहूँमैं
ज़िंदगानीमिरीसँवरजाती
गरसमझता,बिगड़रहाहूँमैं
किसकीख़ातिरग़ज़लकीचादरपर
गौहर-ए-फ़िक्रजुड़रहाहूँमैं
कोईचश्माकभीतोफूटेगा
अपनीएड़ीरगड़रहाहूँमैं
आप-अपनाहरीफ़हूँ'राग़िब'
आप-अपनेसेलड़रहाहूँमैं
  - Iftikhar Raghib
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