बैठेबिठाएआजफिरकिसकाख़यालआगया
चेहरेकारंगउड़गयारंग-ए-मलालआगया
उलझनमेंपड़गयाहूँमैंदिलकाकरूँँतोक्याकरूँँ
शीशानहींयेकामकाइसमेंतोबालआगया
पूरानकरसकूँगाअबतुझसेकभीमुकालिमा
आँखेंथींमहव-ए-गुफ़्तुगूदिलकासवालआगया
करनीहैतर्कजिसजगहतेरीतलाश-ओ-आरज़ू
सहरामेंअबमक़ामवोमेरेग़ज़ालआगया
रूईकीतरहशहरमेंउड़नेलगीहैयेख़बर
उसकोहीबसपतानहींउसकाज़वालआगया
मैंनेतोअपनाआईनारक्खाथाउसकेरू-ब-रू
इतनीसीएकबातथीउसकोजलालआगया