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Nitesh Kushwah
tu sab kuchh jaanne vaala akela
tu sab kuchh jaanne vaala akela | तू सब कुछ जानने वाला अकेला
- Nitesh Kushwah
तू
सब
कुछ
जानने
वाला
अकेला
बता,
फिर
क्यूँँ
हूँ
मैं
इतना
अकेला
तेरी
चाहत
में
तेरे
ग़म
भी
चाहे
कभी
तुझको
नहीं
चाहा
अकेला
मैं
महफ़िल
में
हँसाने
वाला
सबको
पसे-पर्दा
बहुत
रोया
अकेला
बदन
हूँ
मैं
अगर
तो
वो
भी
होगा
कभी
होता
नहीं
साया
अकेला
हटा
दी
यार
की
तस्वीर
मैंने
तड़पकर
रो
पड़ा
कमरा
अकेला
वो
अपने
साथ
मुझको
ले
गया
है
मैं
जिसको
छोड़कर
लौटा
अकेला
तमाशा
बन
गई
है
सारी
दुनिया
बचा
मैं
देखने
वाला
अकेला
- Nitesh Kushwah
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ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
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कल
रात
मैं
बहुत
ही
अलग
सा
लगा
मुझे
उसकी
नज़र
ने
यूँँ
मेरी
सूरत
खंगाली
दोस्त
Afzal Ali Afzal
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दोस्ती
लफ्ज़
ही
में
दो
है
दो
सिर्फ़
तेरी
नहीं
चलेगी
दोस्त
Zubair Ali Tabish
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ग़रज़
कि
काट
दिए
ज़िंदगी
के
दिन
ऐ
दोस्त
वो
तेरी
याद
में
हों
या
तुझे
भुलाने
में
Firaq Gorakhpuri
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मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
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Bhaskar Shukla
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मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
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Nirvesh Navodayan
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यार
आसान
होती
नहीं
यह
कला
मौन
रहना
बड़ी
ही
चुनौती
रही
Aniket sagar
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वो
हिंदू,
मैं
मुस्लिम,
ये
सिक्ख,
वो
ईसाई
यार
ये
सब
सियासत
है
चलो
इश्क़
करें
Rahat Indori
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बहुत
चल
बसे
यार
ऐ
ज़िंदगी
कोई
दिन
की
मेहमान
तू
रह
गई
Dagh Dehlvi
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अब
पाँसा
यार
न
जाने
कब
हम
पर
फेंका
जाएगा
घुट
घुट
कर
जीना
पड़ता
है
हमको
प्यादा
होने
में
Sandeep dabral 'sendy'
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नज़ारे
आँख
में
चुभने
लगे
हैं
यहाँ
हम
साथ
आते
थे
तुम्हारे
Nitesh Kushwah
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उस
ने
जब
बन-सँवर
के
दस्तक
दी
यूँँ
लगा
सीधे
दिल
पे
दस्तक
दी
दौड़
कर
खोलते
थे
दरवाज़ा
सोचते
थे
कि
तू
ने
दस्तक
दी
उस
ने
खिड़की
से
भी
नहीं
झाँका
उम्र
भर
जिस
के
दर
पे
दस्तक
दी
रात
पथराई
भीगी
आँखों
में
ख़्वाब
के
क़ाफ़िले
ने
दस्तक
दी
मैं
ने
दरवाज़ा
ही
नहीं
खोला
रात
फिर
ख़ुद-कुशी
ने
दस्तक
दी
ज़िंदगी
कर
गई
ग़ज़ल
पूरी
मौत
के
क़ाफ़िए
ने
दस्तक
दी
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Nitesh Kushwah
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उनको
आसान
ही
लगूँगा
मैं
जिनसे
बस
चाय
तक
का
रिश्ता
है
Nitesh Kushwah
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