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Nitesh Kushwah
us ne jab ban-sanwar ke dastak dii
us ne jab ban-sanwar ke dastak dii | उस ने जब बन-सँवर के दस्तक दी
- Nitesh Kushwah
उस
ने
जब
बन-सँवर
के
दस्तक
दी
यूँँ
लगा
सीधे
दिल
पे
दस्तक
दी
दौड़
कर
खोलते
थे
दरवाज़ा
सोचते
थे
कि
तू
ने
दस्तक
दी
उस
ने
खिड़की
से
भी
नहीं
झाँका
उम्र
भर
जिस
के
दर
पे
दस्तक
दी
रात
पथराई
भीगी
आँखों
में
ख़्वाब
के
क़ाफ़िले
ने
दस्तक
दी
मैं
ने
दरवाज़ा
ही
नहीं
खोला
रात
फिर
ख़ुद-कुशी
ने
दस्तक
दी
ज़िंदगी
कर
गई
ग़ज़ल
पूरी
मौत
के
क़ाफ़िए
ने
दस्तक
दी
- Nitesh Kushwah
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दूसरी
कोई
लड़की
ज़िंदगी
में
आएगी
कितनी
देर
लगती
है
उस
को
भूल
जाने
में
Bashir Badr
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तू
कहानी
ही
के
पर्दे
में
भली
लगती
है
ज़िन्दगी
तेरी
हक़ीक़त
नहीं
देखी
जाती
Akhtar Saeed Khan
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जान
भी
अब
दिल
पे
वारी
जाएगी
ये
बला
सर
से
उतारी
जाएगी
एक
पल
तुझ
बिन
गुज़रना
है
कठिन
ज़िन्दगी
कैसे
गुज़ारी
जाएगी
Read Full
Anjum Rehbar
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नहीं
आबो
हवा
में
ताज़गी
अब
दवा
की
सीसियों
में
ज़िन्दगी
है
Umesh Maurya
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ज़िन्दगी
से
ऐसे
काटा
सीन
उसने
इश्क़
का
देखता
है
कोई
जैसे
फ़िल्म
गाने
काट
कर
Ankit Maurya
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कीजे
इज़हार-ए-मोहब्बत
चाहे
जो
अंजाम
हो
ज़िंदगी
में
ज़िंदगी
जैसा
कोई
तो
काम
हो
Priyamvada ilhan
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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ज़िन्दगी
अब
के
मेरा
नाम
ना
शामिल
करना
गर
ये
तय
है
कि
यही
खेल
दोबारा
होगा
Wasi Shah
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छोड़कर
तन्हा
मुझे
जन्नत
में
रहने
लग
गए
हो
और
मैंने
ज़िन्दगीं
कर
ली
जहन्नम
शा'इरी
में
"Nadeem khan' Kaavish"
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मुझे
ख़बर
नहीं
ग़म
क्या
है
और
ख़ुशी
क्या
है
ये
ज़िंदगी
की
है
सूरत
तो
ज़िंदगी
क्या
है
Ahsan Marahravi
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उनको
आसान
ही
लगूँगा
मैं
जिनसे
बस
चाय
तक
का
रिश्ता
है
Nitesh Kushwah
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नज़ारे
आँख
में
चुभने
लगे
हैं
यहाँ
हम
साथ
आते
थे
तुम्हारे
Nitesh Kushwah
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तू
सब
कुछ
जानने
वाला
अकेला
बता,
फिर
क्यूँँ
हूँ
मैं
इतना
अकेला
तेरी
चाहत
में
तेरे
ग़म
भी
चाहे
कभी
तुझको
नहीं
चाहा
अकेला
मैं
महफ़िल
में
हँसाने
वाला
सबको
पसे-पर्दा
बहुत
रोया
अकेला
बदन
हूँ
मैं
अगर
तो
वो
भी
होगा
कभी
होता
नहीं
साया
अकेला
हटा
दी
यार
की
तस्वीर
मैंने
तड़पकर
रो
पड़ा
कमरा
अकेला
वो
अपने
साथ
मुझको
ले
गया
है
मैं
जिसको
छोड़कर
लौटा
अकेला
तमाशा
बन
गई
है
सारी
दुनिया
बचा
मैं
देखने
वाला
अकेला
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Nitesh Kushwah
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