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NISHKARSH AGGARWAL
teri in yaadon ki dheemi aanch pe
teri in yaadon ki dheemi aanch pe | तेरी इन यादों की धीमी आँच पे
- NISHKARSH AGGARWAL
तेरी
इन
यादों
की
धीमी
आँच
पे
रोज़
जलता
है
सनम
ये
दिल
मेरा
- NISHKARSH AGGARWAL
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ये
इश्क़
नहीं
आसाँ
इतना
ही
समझ
लीजे
इक
आग
का
दरिया
है
और
डूब
के
जाना
है
Jigar Moradabadi
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कभी
इश्क़
करो
और
फिर
देखो
इस
आग
में
जलते
रहने
से
कभी
दिल
पर
आँच
नहीं
आती
कभी
रंग
ख़राब
नहीं
होता
Saleem Kausar
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मैं
क्या
करूँँ
मेरी
बेगम
सुहाग
ढूँढे
है
मेरे
बुझे
हुए
चूल्हे
में
आग
ढूँढ़े
है
वो
दिन
गए
कि
उड़ाते
थे
फ़ाख़्ताएँ
हम
सपेरा
चूहे
के
इक
बिल
में
नाग
ढूँढे
है
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Paplu Lucknawi
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वो
बुझ
गया
तो
चला
उसकी
अहमियत
का
पता
कि
उस
की
आग
से
कितने
चराग़
जलते
थे
Shakeel Azmi
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क्या
हो
गया
इसे
कि
तुझे
देखती
नहीं
जी
चाहता
है
आग
लगा
दूँ
नज़र
को
मैं
Ismail Merathi
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ख़ुदा
के
लिए
अब
न
उस
सेे
मिलो
तुम
तुम्हें
अब
हमारी
जलन
की
क़सम
है
Tanoj Dadhich
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तेरी
आँखों
में
जो
इक
क़तरा
छुपा
है,
मैं
हूँ
जिसने
छुप
छुप
के
तेरा
दर्द
सहा
है,
मैं
हूँ
एक
पत्थर
कि
जिसे
आँच
न
आई,
तू
है
एक
आईना
कि
जो
टूट
चुका
है,
मैं
हूँ
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Fauziya Rabab
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दिल
की
तकलीफ़
कम
नहीं
करते
अब
कोई
शिकवा
हम
नहीं
करते
Jaun Elia
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आग
थे
इब्तिदा-ए-इश्क़
में
हम
अब
जो
हैं
ख़ाक
इंतिहा
है
ये
Meer Taqi Meer
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हो
न
हो
एक
ही
तस्वीर
के
दो
पहलू
हैं
रक़्स
करता
हुआ
तू
आग
में
जलता
हुआ
मैं
Shahid Zaki
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कैसे
मैं
आ
जाऊँ
ऐ
यार
तेरी
सोहबत
में
मैं
ग़ुलाम
बन
के
बैठा
हूँ
इस
मोहब्बत
में
NISHKARSH AGGARWAL
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इतना
उदास
भी
न
करो
मुझको
दोस्तों
मेरे
दुखों
को
तुम
भी
कभी
समझो
दोस्तों
गर
कोई
बेसुरा
भी
सुरीला
लगे
तुम्हें
उस
सेे
तुम्हें
है
प्यार
ज़रा
समझो
दोस्तों
जब
रो
रहा
था
मैं
,पड़ी
तब
उसकी
रोशनी
इंद्रधनुष
बना
गया
वो
दिल
को
दोस्तों
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NISHKARSH AGGARWAL
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अब
वो
भी
देखे
मेरे
ही
इंतिज़ार
को
बस
सो
उसके
दर
पे
रख
आया
मैं
ये
आँखें
अपनी
NISHKARSH AGGARWAL
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ख़ामोशी
वो
भी
इतनी
मेरे
उसके
दरमियाँ
इस
दिल
के
टूटने
की
सदा
आ
गई
उसे
NISHKARSH AGGARWAL
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इक
ग़म
जब
तैयार
हुआ
है
जाने
को
दूजा
ग़म
बेताब
हुआ
तब
आने
को
उसने
माँगा
है
तोहफ़े
में
इक
तारा
मैं
पैदल
हूँ
निकला
तारा
लाने
को
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