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NISHKARSH AGGARWAL
ab vo bhi dekhe mere hi intizaar ko bas
ab vo bhi dekhe mere hi intizaar ko bas | अब वो भी देखे मेरे ही इंतिज़ार को बस
- NISHKARSH AGGARWAL
अब
वो
भी
देखे
मेरे
ही
इंतिज़ार
को
बस
सो
उसके
दर
पे
रख
आया
मैं
ये
आँखें
अपनी
- NISHKARSH AGGARWAL
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इस
ख़ौफ़
में
कि
ख़ुद
न
भटक
जाएँ
राह
में
भटके
हुओं
को
राह
दिखाता
नहीं
कोई
Anwar Taban
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शे'र
दर-अस्ल
हैं
वही
'हसरत'
सुनते
ही
दिल
में
जो
उतर
जाएँ
Hasrat Mohani
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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एक
नया
'आशिक़
है
उसका,
जान
छिड़कता
है
उसपर
मुझको
डर
है
वो
भी
इक
दिन
मय-ख़ाने
से
निकलेगा
Siddharth Saaz
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वो
देखने
मुझे
आना
तो
चाहता
होगा
मगर
ज़माने
की
बातों
से
डर
गया
होगा
Habib Jalib
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आँख
की
बेबसी
दिल
का
डर
देखना
तुम
किसी
दिन
ग़रीबों
का
घर
देखना
Alankrat Srivastava
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
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Rakib Mukhtar
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अजीब
सानेहा
मुझ
पर
गुज़र
गया
यारो
मैं
अपने
साए
से
कल
रात
डर
गया
यारो
Shahryar
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आ
जाए
कौन
कब
कहाँ
कैसी
ख़बर
के
साथ
अपने
ही
घर
में
बैठा
हुआ
हूँ
मैं
डर
के
साथ
Pratap Somvanshi
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कैसे
मैं
आ
जाऊँ
ऐ
यार
तेरी
सोहबत
में
मैं
ग़ुलाम
बन
के
बैठा
हूँ
इस
मोहब्बत
में
NISHKARSH AGGARWAL
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ऊँचाइयों
से
गिरना
अमाँ
जानता
हूँ
मैं
इन
पंछियों
को
तीर
नहीं
मारता
हूँ
मैं
मैं
सोचते
हुए
ये
कईं
बार
सोचता
के
सोचते
हुए
भी
तुम्हें
सोचता
हूँ
मैं
दिल
तेरा
तोड़ना
था
प
मैं
तोड़
ना
सका
बागों
के
फूल
क्यूँँंकि
नहीं
तोड़ता
हूँ
मैं
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NISHKARSH AGGARWAL
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देख
कर
आँखें
मेरी
वो
यूँँ
मियाँ
जाने
लगा
आँख
में
मेरी
न
जाने
क्या
नज़र
आने
लगा
NISHKARSH AGGARWAL
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ये
किस
लिए
चराग़ों
को
तुम
जला
रहे
हो
अंधों
को
रोशनी
की
क्या
सच
में
है
ज़रूरत?
NISHKARSH AGGARWAL
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तेरी
इन
यादों
की
धीमी
आँच
पे
रोज़
जलता
है
सनम
ये
दिल
मेरा
NISHKARSH AGGARWAL
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