hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
NISHKARSH AGGARWAL
ik gham jab taiyaar hua hai jaane ko
ik gham jab taiyaar hua hai jaane ko | इक ग़म जब तैयार हुआ है जाने को
- NISHKARSH AGGARWAL
इक
ग़म
जब
तैयार
हुआ
है
जाने
को
दूजा
ग़म
बेताब
हुआ
तब
आने
को
उसने
माँगा
है
तोहफ़े
में
इक
तारा
मैं
पैदल
हूँ
निकला
तारा
लाने
को
- NISHKARSH AGGARWAL
Download Sher Image
दर्द
मिन्नत-कश-ए-दवा
न
हुआ
मैं
न
अच्छा
हुआ
बुरा
न
हुआ
Mirza Ghalib
Send
Download Image
27 Likes
हाए
उसके
हाथ
पीले
होने
का
ग़म
इतना
रोए
हैं
कि
आँखें
लाल
कर
ली
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
दुनिया
ने
तेरी
याद
से
बेगाना
कर
दिया
तुझ
से
भी
दिल-फ़रेब
हैं
ग़म
रोज़गार
के
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
35 Likes
यूँँ
दिल
को
तड़पने
का
कुछ
तो
है
सबब
आख़िर
या
दर्द
ने
करवट
ली
या
तुम
ने
इधर
देखा
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
हम
आज
राह-ए-तमन्ना
में
जी
को
हार
आए
न
दर्द-ओ-ग़म
का
भरोसा
रहा
न
दुनिया
का
Waheed Quraishi
Send
Download Image
15 Likes
तू
अपने
सारे
दुख
जाकर
बताता
है
जिन्हें,
इक
दिन
बढ़ाएँगे
वही
ग़म-ख़्वार
तेरी
आँख
का
पानी
Siddharth Saaz
Send
Download Image
34 Likes
यतीमों
की
तरह
बस
पाल
रक्खा
है
इन्हें
हमने
हमें
जो
दुख
मिले
हैं
वो
हमारे
दुख
नहीं
लगते
किसी
की
आँख
में
रहकर
किसी
के
ख़्वाब
देखे
हैं
हजारों
कोशिशें
की
पर
किनारे
दुख
नहीं
लगते
Read Full
Rohit Gustakh
Send
Download Image
37 Likes
बे-नाम
सा
ये
दर्द
ठहर
क्यूँँ
नहीं
जाता
जो
बीत
गया
है
वो
गुज़र
क्यूँँ
नहीं
जाता
Nida Fazli
Send
Download Image
62 Likes
पास
जब
तक
वो
रहे
दर्द
थमा
रहता
है
फैलता
जाता
है
फिर
आँख
के
काजल
की
तरह
Parveen Shakir
Send
Download Image
33 Likes
खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
Send
Download Image
17 Likes
Read More
इन
दीवारों
की
भी
आँखें
आ
जाती
हैं
मेरे
पहलू
से
जब
यादें
आ
जाती
हैं
सँभलने
लगता
हूँ
जब
भी
मैं
यारों
तब
दिन
को
धमका
के
ये
रातें
आ
जाती
हैं
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
1 Like
कभी
तो
सुनाओ
मियाँ
शे'र
ऐसा
जिसे
सुन
मिरा
दिल
कहे
वाह
तुमको
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
1 Like
छोड़
के
जब
से
गया
दिलबर
हमारा
दिल
कहीं
लगता
नहीं
पलभर
हमारा
लो
ले
जाओ
यार
अब
तुम
ही
सँभालो
है
नहीं
अब
ज़ोर
इस
दिल
पर
हमारा
जानते
हो
फिर
भी
तुम
क्यूँ
पूछते
हो
चल
रहा
है
किस
सेे
अब
चक्कर
हमारा
हम
भी
रोने
लगते
हैं
अब
साथ
में
यार
रोता
है
बरसात
में
जब
घर
हमारा
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
Download Image
3 Likes
तुम
सेे
बिछड़
के
आई
हमें
ये
सुख़नवरी
हमको
तुम्हारी
याद
ने
शायर
बना
दिया
पंछी
मुझे
कहीं
तू
अकेला
न
छोड़
दे
इस
डर
से
मैंने
यार
तुझे
ख़ुद
उड़ा
दिया
Read Full
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
2 Likes
जब
परेशाँ
होता
हूँ
इस
ज़िंदगी
की
धूप
से
करता
हूँ
साया
किताबों
का
मैं
बच्चों
की
तरह
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Life Shayari
Diwangi Shayari
Democracy Shayari
Tevar Shayari
Judai Shayari