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NISHKARSH AGGARWAL
itnaa udaas bhi na karo mujhko doston
itnaa udaas bhi na karo mujhko doston | इतना उदास भी न करो मुझको दोस्तों
- NISHKARSH AGGARWAL
इतना
उदास
भी
न
करो
मुझको
दोस्तों
मेरे
दुखों
को
तुम
भी
कभी
समझो
दोस्तों
गर
कोई
बेसुरा
भी
सुरीला
लगे
तुम्हें
उस
सेे
तुम्हें
है
प्यार
ज़रा
समझो
दोस्तों
जब
रो
रहा
था
मैं
,पड़ी
तब
उसकी
रोशनी
इंद्रधनुष
बना
गया
वो
दिल
को
दोस्तों
- NISHKARSH AGGARWAL
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हम
ही
में
थी
न
कोई
बात
याद
न
तुम
को
आ
सके
तुम
ने
हमें
भुला
दिया
हम
न
तुम्हें
भुला
सके
Hafeez Jalandhari
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उस
के
फ़रोग़-ए-हुस्न
से
झमके
है
सब
में
नूर
शम-ए-हरम
हो
या
हो
दिया
सोमनात
का
Meer Taqi Meer
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ये
इश्क़
आग
है
और
वो
बदन
शरारा
है
ये
सर्द
बर्फ़
सा
लड़का
पिघलने
वाला
है
Shadab Asghar
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इलाज
ये
है
कि
मजबूर
कर
दिया
जाऊँ
वगरना
यूँँ
तो
किसी
की
नहीं
सुनी
मैंने
Jaun Elia
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जो
तेरी
बाँहों
में
हँसती
रही
है
खेली
है
वो
लड़की
राज़
नहीं
है
कोई
पहेली
है
हाँ
मेरा
हाथ
पकड़
कर
झटक
दिया
उसने
सहारा
दे
के
बताया
कि
तू
अकेली
है
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Tajdeed Qaiser
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वहाँ
शायद
कोई
बैठा
हुआ
है
अभी
खिड़की
में
इक
जलता
दिया
है
Aadil Raza Mansoori
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उसने
हम
सेे
बातें
करना
छोड़
दिया
माँ
की
जिस
सेे
बात
कराने
वाले
थे
Tanoj Dadhich
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ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
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ख़बर
मिली
है
स्टेशन
पर
तुम
भी
आने
वाली
हो
रेल
को
पीछे
छोड़
दीया
है
साँसों
की
रफ़्तारों
ने
Shadab Javed
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आग
का
क्या
है
पल
दो
पल
में
लगती
है
बुझते
बुझते
एक
ज़माना
लगता
है
Kaif Bhopali
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ख़ुद
को
सब
की
नज़र
से
बचाया
करो
मेरी
ग़ज़लें
न
तुम
गुनगुनाया
करो
दिल
में
जो
है
तुम्हारे
वो
कह
दो
उसे
है
मोहब्बत
अगर
तो
जताया
करो
चाँद
आता
है
यूँँ
जिस
तरह
रात
को
तुम
भी
चोरी
छिपे
छत
पे
आया
करो
मैं
मिला
था
तुम्हें
यार
इस
बात
का
तुम
कोई
तो
निशाँ
छोड़
जाया
करो
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न
जाने
कौन
सा
मेरे
ख़ुदा
कब
काम
आ
जाए
ख़ुदा
दो
चार
बस
हम
इसलिए
भी
साथ
रखते
हैं
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जब
परेशाँ
होता
हूँ
इस
ज़िंदगी
की
धूप
से
करता
हूँ
साया
किताबों
का
मैं
बच्चों
की
तरह
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इक
ग़म
जब
तैयार
हुआ
है
जाने
को
दूजा
ग़म
बेताब
हुआ
तब
आने
को
उसने
माँगा
है
तोहफ़े
में
इक
तारा
मैं
पैदल
हूँ
निकला
तारा
लाने
को
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कल
छत
पे
तुझे
देख
सनम
चाँद
यूँँ
बोला
ये
किसने
बनाया
ज़मीं
पे
चेहरा
हमारा
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