hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nirvesh Navodayan
jo aankhoñ se lab tak gar dekh chuke hain
jo aankhoñ se lab tak gar dekh chuke hain | जो आँखों से लब तक गर देख चुके हैं
- Nirvesh Navodayan
जो
आँखों
से
लब
तक
गर
देख
चुके
हैं
अब
तक
एक
तवील
सफ़र
देख
चुके
हैं
के
उसकी
हाँ
होना
बाकी
है
पर
हम
पहले
ही
उसका
घर
वर
देख
चुके
हैं
सोचो
कि
करें
तो
करें
क्या
वो
लोग
मियाँ
जो
पहले
ही
सब
कुछ
कर
देख
चुके
हैं
- Nirvesh Navodayan
Download Ghazal Image
कुछ
लोग
हैं
जो
झेल
रहे
हैं
मुसीबतें
कुछ
लोग
हैं
जो
वक़्त
से
पहले
बदल
गए
Shakeel Jamali
Send
Download Image
29 Likes
बस-कि
दुश्वार
है
हर
काम
का
आसाँ
होना
आदमी
को
भी
मुयस्सर
नहीं
इंसाँ
होना
Mirza Ghalib
Send
Download Image
27 Likes
सारे
ग़म
भूल
गए
आपके
रोने
पे
मुझे
किसको
ठंडक
में
पसीने
का
ख़्याल
आता
है
आखरी
उम्र
में
जाते
है
मदीने
हम
लोग
मरने
लगते
है
तो
जीने
का
ख़याल
आता
है
Read Full
Nadir Ariz
Send
Download Image
41 Likes
सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
55 Likes
यार
तस्वीर
में
तन्हा
हूँ
मगर
लोग
मिले
कई
तस्वीर
से
पहले
कई
तस्वीर
के
बा'द
Umair Najmi
Send
Download Image
63 Likes
शरीफ़
इंसान
आख़िर
क्यूँ
इलेक्शन
हार
जाता
है
किताबों
में
तो
ये
लिक्खा
था
रावन
हार
जाता
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
37 Likes
हम
लोग
चूंकि
दश्त
के
पाले
हुए
हैं
सो
ख़्वाबों
में
चाहे
झील
हों,
आँखों
में
पेड़
हैं
Siddharth Saaz
Send
Download Image
2 Likes
मिरे
किरदार
जाने
दे
नज़रअंदाज
कर
दे
ख़ुदा
की
फ़िल्म
है
ये
आदमी
से
क्या
शिकायत
Vikram Sharma
Send
Download Image
25 Likes
तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
Send
Download Image
44 Likes
अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
Send
Download Image
70 Likes
Read More
बरबस
तेरी
ओर
ध्यान
चला
जाता
है
और
फिर
मेरा
ईमान
चला
जाता
है
है
इश्क़
वही
स्टेशन
कि
जहाँ
पर
यारों
सो
गए
गर
तो
सामान
चला
जाता
है
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
5 Likes
लोगों
के
फेंके
पत्थर
सहते
रहना
दरिया
की
फ़ितरत
में
है
बहते
रहना
आख़िर
शे'र
ख़तम
कर
जाने
वाला
हूँ
अच्छा
तुम
लोग
मुकर्रर
कहते
रहना
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
12 Likes
हर
बार
क़यामत
होती
है
इस
बार
किधर
से
देखूँगा
वो
चाँद
उधर
से
देखेगी,
मैं
चाँद
इधर
से
देखूँगा
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
7 Likes
हिज्र
सभी
गर
एक
कहानी
में
मिलते
हम
भी
किसी
तस्वीर
पुरानी
में
मिलते
कोई
रंग
अगर
होता
इनका
तो
फिर
सोचो
कितने
आँसू
पानी
में
मिलते
ढल
जाएगा
इक
दिन
हुस्न
तुम्हारा
जब
सोचोगे
फिर
काश
जवानी
में
मिलते
सच
में
हिज्र
बुरा
होता
तो
हम
जैसे
आज
यहाँ
पे
नहीं
वीरानी
में
मिलते
Read Full
Nirvesh Navodayan
Download Image
3 Likes
मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
7 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Chaahat Shayari
Aam Shayari
Allahabad Shayari
Bebas Shayari
Wafa Shayari