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Vikram Sharma
mire kirdaar jaane de nazarandaaz kar de
mire kirdaar jaane de nazarandaaz kar de | मिरे किरदार जाने दे नज़रअंदाज कर दे
- Vikram Sharma
मिरे
किरदार
जाने
दे
नज़रअंदाज
कर
दे
ख़ुदा
की
फ़िल्म
है
ये
आदमी
से
क्या
शिकायत
- Vikram Sharma
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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हर
आदमी
में
होते
हैं
दस
बीस
आदमी
जिस
को
भी
देखना
हो
कई
बार
देखना
Nida Fazli
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लोग
टूट
जाते
हैं
एक
घर
बनाने
में
तुम
तरस
नहीं
खाते
बस्तियाँ
जलाने
में
Bashir Badr
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तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
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बस-कि
दुश्वार
है
हर
काम
का
आसाँ
होना
आदमी
को
भी
मुयस्सर
नहीं
इंसाँ
होना
Mirza Ghalib
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यार
तस्वीर
में
तन्हा
हूँ
मगर
लोग
मिले
कई
तस्वीर
से
पहले
कई
तस्वीर
के
बा'द
Umair Najmi
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मत
सहल
हमें
जानो
फिरता
है
फ़लक
बरसों
तब
ख़ाक
के
पर्दे
से
इंसान
निकलते
हैं
Meer Taqi Meer
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ज़िक्र
तबस्सुम
का
आते
ही
लगते
हैं
इतराने
लोग
और
ज़रा
सी
ठेस
लगी
तो
जा
पहुँचे
मयख़ाने
लोग
Ateeq Allahabadi
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अच्छों
से
पता
चलता
है
इंसाँ
को
बुरों
का
रावन
का
पता
चल
न
सका
राम
से
पहले
Rizwan Banarasi
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हम
लोग
चूंकि
दश्त
के
पाले
हुए
हैं
सो
ख़्वाबों
में
चाहे
झील
हों,
आँखों
में
पेड़
हैं
Siddharth Saaz
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जब
भी
करती
थी
वो
नदी
बातें
करती
थी
सिर्फ़
प्यास
की
बातें
हम
कि
चेहरे
तो
भूल
जाते
हैं
याद
रह
जाती
हैं
कई
बातें
फूल
देखें
तो
याद
आती
हैं
आपकी
ख़ुशबुओं
भरी
बातें
बीती
बातों
पे
ऐसे
शे'र
कहो
शे'र
से
निकले
कुछ
नई
बातें
आपकी
चुप
तो
जानलेवा
हैं
मुझ
सेे
कहिए
भली
बुरी
बातें
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Vikram Sharma
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जो
भी
होना
था
हो
गया
छोड़ो
अब
मैं
चलता
हूँ
रास्ता
छोड़ो
अब
तो
दुनिया
भी
देख
ली
तुमने
अब
तो
ख़्वाबों
को
देखना
छोड़ो
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Vikram Sharma
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सोचता
हूँ
कि
दिल-ए-ज़ार
का
मतलब
क्या
है
एक
हँसते
हुए
बीमार
का
मतलब
क्या
है
आप
कहते
हैं
कि
दीवार
गिरा
दी
जाए
आप
की
नज़रों
में
दीवार
का
मतलब
क्या
है
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Vikram Sharma
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वक़्त
का
दरिया
तो
हम
पार
नहीं
कर
सकते
करना
चाहे
भी
तो
हम
यार
नहीं
कर
सकते!
भूल
जाना
भी
कोई
काम
हुआ
करता
है?
काम
ये
आपके
बीमार
नहीं
कर
सकते!
क्यूँँ
सदा
ढूँढने
होते
है
बहाने
हम
को
क्यूँँ
कभी
खुल
के
हम
इनकार
नहीं
कर
सकते?
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Vikram Sharma
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ये
कैसे
सानिहे
अब
पेश
आने
लग
गए
हैं
तेरे
आग़ोश
में
हम
छटपटाने
लग
गए
हैं
बहुत
मुमकिन
है
कोई
तीर
हमको
आ
लगेगा
हम
ऐसे
लोग
जो
पंछी
उड़ाने
लग
गए
हैं
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Vikram Sharma
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