main to kahunga barmala ek diya bujha hua | मैं तो कहूँगा बरमला एक दिया बुझा हुआ इश्क़ न हो तो ज़ीस्त क्या एक दिया बुझा हुआ

  - Naim Hamid Ali
मैंतोकहूँगाबरमलाएकदियाबुझाहुआइश्क़होतोज़ीस्तक्याएकदियाबुझाहुआ
आपकेसाथबज़्मकीरौनक़ेंसबचलीगईं
सुब्ह-ए-फ़िराक़रहगयाएकदियाबुझाहुआ
पैक-ए-ख़यालदफ़अ'तनपहूँचाहरीम-ए-नाज़में
आपहीआपजलउठाएकदियाबुझाहुआ
अहल-ए-हवसनेजा-ब-जाकितनेदिएबुझादिए
कोईकहींजलासकाएकदियाबुझाहुआ
जिसमेंकोईलगनहोजिसमेंकोईतड़पहो
आदमीउसमिज़ाजकाएकदियाबुझाहुआ
बज़्म-ए-तरबकीयादगाररौनक़-ए-शबकीयादगार
एकहैसाज़-ए-बे-सदाएकदियाबुझाहुआ
अख़्तर-ए-सुब्हकीक़सममैंभीहूँसुब्हकानक़ीब
एकदियाजलाहुआएकदियाबुझाहुआ
महफ़िल-ए-ज़ीस्तमेंबहुतमाह-ओ-नुजूमज़ौ-फ़िशाँ
इनमेंमिराशुमारक्याएकदियाबुझाहुआ
  - Naim Hamid Ali
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