ham aaj apna muqaddar badal ke dekhte hain | हम आज अपना मुक़द्दर बदल के देखते हैं

  - Nafas Ambalvi
हमआजअपनामुक़द्दरबदलकेदेखतेहैं
तुम्हारेसाथभीकुछदूरचलकेदेखतेहैं
उधरचराग़बुझानेकोहैहवाबेताब
इधरयेज़िदकिहवाओंमेंजलकेदेखतेहैं
चलोफिरआजज़मीनोंमेंजज़्बहोजाएँ
छलककेआँखसेबाहरनिकलकेदेखतेहैं
येइश्क़कोईबलाहैजुनूनहैक्याहै
येकैसीआगहैपत्थरपिघलकेदेखतेहैं
अजीबप्यासहैदरियासेबुझनहींपाई
जोतुमकहोतोसमुंदरनिगलकेदेखतेहैं
वोगरनिगाहमिलालेतोमो'जिज़ाकरदे
इसीलिएतोउधरहमसँभलकेदेखतेहैं
बदलकेख़ुदहीहमींरहगएज़मानेमें
चलेथेघरसेकिदुनियाबदलकेदेखतेहैं
  - Nafas Ambalvi
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