be-laus mohabbat ka sila Dhoondh raha hooñ | बे-लौस मोहब्बत का सिला ढूँढ़ रहा हूँ

  - Nafas Ambalvi
बे-लौसमोहब्बतकासिलाढूँढ़रहाहूँ
नादाँहूँयेइसशहरमेंक्याढूँढ़रहाहूँ
इकमोड़पेटूटेहुएखंडरसेमकाँमें
गुज़रेहुएलम्होंकापताढूँढ़रहाहूँ
मुद्दतसेयेख़ंजरमिरेसीनेमेंहैऔरमैं
रिसतेहुएज़ख़्मोंकीदवाढूँढ़रहाहूँ
दीवानाजिसेसंग-तराशीकाजुनूँहै
कहताहैकिपत्थरमेंख़ुदाढूँढ़रहाहूँ
मुंसिफ़तिरेइंसाफ़सेवाक़िफ़हूँतभीतो
ना-कर्दागुनाहोंकीसज़ाढूँढ़रहाहूँ
येशामऔरउसपरतिरीयादोंकीहलावत
इकजाममेंदोशयकानशाढूँढ़रहाहूँ
  - Nafas Ambalvi
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