मज़हबीचिंगारियोंसेबस्तियाँजलजाएँगी
इनचराग़ोंसेनउलझोउँगलियाँजलजाएँगी
आगगुलशनमेंलगादीऔरसोचाभीनहीं
इनगुलोंकेसाथकितनीतितलियाँजलजाएँगी
नफ़रतोंकीआँधियाँयूँँहीअगरचलतीरही
राखमेंपिन्हाँहैंजोचिंगारियाँजलजाएँगी
आसमानोंकोजलाकरएकदिनपछताओगे
जलउठासावनतोसारीबदलियाँजलजाएँगी
कोईशोर-ओ-ग़ुलनसन्नाटोंकाफिरहोगावजूद
साथहीआवाज़केख़ामोशियाँजलजाएँगी
यूँँहीगरतन्हाइयोंकेदाएरेबढ़तेगए
आदमीरहजाएगापरछाइयाँजलजाएँगी
फिरमोहब्बतकेअलावोंकोनफ़सरौशनकरो
धीमीधीमीआँचमेंसबतल्ख़ियाँजलजाएँगी