ek ajeeb KHvaahish hai | एक अजीब ख़्वाहिश है

  - Naeem Zarrar Ahmad
एकअजीबख़्वाहिशहै
इसज़मींकेकोनेमें
सिर्फ़मह-जबीनोंकी
सबकीसबहसीनोंकी
अपनीएकबस्तीहो
ज़िंदगीजहाँहरपलखिलखिलाकेहँसतीहो
रंग-ओ-नूरकीबारिश
हरघड़ीबरसतीहो
सबग़ज़ाल-नैनोंमें
शोख़सीशरारतहो
इनकीजुम्बिश-ए-लबसे
ज़िंदगीइबारतहो
ख़ुशियोंकाझमेलाहो
पलकोंपेसितारेहों
रौशनीकारेलाहो
ख़ुशबुओंकामेलाहो
औरमह-जबीनोंकीइसहसीनबस्तीमें
एकसिर्फ़मेराही
चूड़ियोंकाठेलाहो
  - Naeem Zarrar Ahmad
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