jafa-e-ahd ka ilzaam ult bhi saka hooñ | जफ़ा-ए-अहद का इल्ज़ाम उलट भी सकता हूँ

  - Naeem Zarrar Ahmad
जफ़ा-ए-अहदकाइल्ज़ामउलटभीसकताहूँ
उसेयक़ीनथामैंपलटभीसकताहूँ
मैंअपनेइश्क़मेंशाहींमिज़ाजरखताहूँ
पलटतोजाताहूँलेकिनझपटभीसकताहूँ
जुनूँमेंज़ुल्मकीगर्दनउतारलेताहूँ
तोइकनिगाह-ए-मोहब्बतमेंकटभीसकताहूँ
अदू-ए-शहरमैंबारूदहूँमोहब्बतका
हदोंसेबातबढ़ेगीतोफटभीसकताहूँ
बिसात-ए-अर्ज़पेचाहूँतोफैलजाऊँमैं
होरम्ज़-ए-यारतोदिलमेंसिमटभीसकताहूँ
  - Naeem Zarrar Ahmad
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