gair ke ghar sahi vo aaya to | ग़ैर के घर सही वो आया तो

  - Naeem Zarrar Ahmad
ग़ैरकेघरसहीवोआयातो
ग़महीमेरेलिएवोलायातो
दुश्मनोंकोमुआ'फ़करडाला
दोस्तोंसेफ़रेबखायातो
पेड़केघोंसलोंकाक्याहोगा
घरउसेकाटकरबनायातो
फिरमिरेसामनेथीइकदीवार
एकदीवारकोगिरायातो
किसक़दरज़ोरसेहुईबारिश
मैंनेकाग़ज़काघरबनायातो
क्याकरोगे'नईम'साल-ए-नौ
पेश-रौकीतरहहीआयातो
  - Naeem Zarrar Ahmad
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