guzre vaqt ki shaayad tujhe khabar kam hai | गुज़रे वक़्त की शायद तुझे ख़बर कम है

  - Naeem Gilani
गुज़रेवक़्तकीशायदतुझेख़बरकमहै
मिरेसफ़रमेंकोईतुझसाहम-सफ़रकमहै
गिलामुआ'फ़मगरमैंजहाँपड़ाहुआहूँ
मिरेचराग़तिरीरौशनीउधरकमहै
शरीक-ए-हालहुईथीजहाँकहींदुनिया
फ़क़तवहींसेतिराहिज्र-ए-मो'तबरकमहै
गईरुतोंमेंबहुतगुफ़्तुगूरहीजिससे
भरेचमनमेंवोबसएकहीशजरकमहै
तिरीनज़रमेंहोंगीवोमुंतज़िरशमएँ
किदिल-गलीसेतोयूँँभीतिरागुज़रकमहै
बदनसेआगेजोबढ़तानहींतबीबमिरे
सोदिलकेज़ख़्मकीजानिबतिरीनज़रकमहै
  - Naeem Gilani
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