kahii pe rukte hue aur kahii guzarte hue | कहीं पे रुकते हुए और कहीं गुज़रते हुए

  - Naeem Gilani
कहींपेरुकतेहुएऔरकहींगुज़रतेहुए
ख़जिलतोख़ूबहुएनाज़िरींगुज़रतेहुए
मैंइकनिगाहकीदूरीपेईस्तादाथा
गुज़रनेवालेनेदेखानहींगुज़रतेहुए
तिरीहवाएँकिजानाथाऔरसम्तउन्हें
मिरेनवाहमेंरुकसीगईंगुज़रतेहुए
मैंसबसेपहलेजिसेभूलनेमेंजल्दीकी
वोयादआयादम-ए-आख़रींगुज़रतेहुए
गुज़रजाएबशारतकीसाअ'त-ए-अव्वल
ज़रासीदेररुकेंज़ाएरींगुज़रतेहुए
  - Naeem Gilani
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