raat ki zulf kahii taa-b-kamar khul jaa.e | रात की ज़ुल्फ़ कहीं ता-ब-कमर खुल जाए

  - Nadeem Fazli
रातकीज़ुल्फ़कहींता-ब-कमरखुलजाए
हमपेभीचाँदसितारोंकीडगरखुलजाए
थकगईनींदमिरेख़्वाबकोढोतेढोते
क्यातअज्जुबहैमिरीआँखअगरखुलजाए
मेरासरमायामिरेपावँकेछालोंकीतपक
रास्तेमेंहीसबज़ाद-ए-सफ़रखुलजाए
आजदरियानहींकूज़ेमेंसमानेवाला
वक़्तहैमुझपेमिराज़ोम-ए-हुनरखुलजाए
सबमुसाफ़िरहैंनईराहकीसबकोहैतलाश
सबपेमुमकिनतोनहींराह-ए-दिगरखुलजाए
अपनीतन्हाईमेंमहबूसहूँमुद्दतसे'नदीम'
तूअगरसाथहोदीवारमेंदरखुलजाए
  - Nadeem Fazli
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