mushkilein khaal khaal chahte hain | मुश्किलें ख़ाल ख़ाल चाहते हैं

  - Nadeem Fazli
मुश्किलेंख़ालख़ालचाहतेहैं
शौक़मेंए'तिदालचाहतेहैं
कटकेअपनीजड़ोंसेकुछपौदे
सब्ज़मौसमकीशालचाहतेहैं
कमसेकमख़ुदसेतोहैंमुख़्लिसवो
जोहमेंहस्ब-ए-हालचाहतेहैं
लाखजीनाहरामहोहमपर
हमतोरिज़्क़-ए-हलालचाहतेहैं
क्याकमीगईहैचाहतमें
ज़ख़्मक्यूँँइंदिमालचाहतेहैं
आँखपथरागईहैरोरोकर
अश्कअपनानिकालचाहतेहैं
चंदलम्हातसुर्ख़-रूईके
कितनेहीमाह-ओ-सालचाहतेहैं
घरकेजल्वे'नदीम'कमतोनहीं
इकज़रादेख-भालचाहतेहैं
  - Nadeem Fazli
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy