jahaan pe hota hooñ akshar vahaañ nahin hota | जहाँ पे होता हूँ अक्सर वहाँ नहीं होता

  - Nadeem ahmad
जहाँपेहोताहूँअक्सरवहाँनहींहोता
वहींतलाशकरोमैंजहाँनहींहोता
अगरतुम्हारीज़बाँसेबयाँनहींहोता
मिरावजूदकभीदास्ताँनहींहोता
बिछड़गयाथावोमिलनेसेपेश-तरवर्ना
मैंइसतरहसेकभीराएगाँनहींहोता
नज़रबचाकेनिकलनातोचाहताहूँमगर
वोकिसजगहसेहैग़ाएबकहाँनहींहोता
कभीतोयूँँकिमकाँकेमकींनहींहोते
कभीकभीतोमकींकामकाँनहींहोता
  - Nadeem ahmad
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