zameen raund chuke aasmaan baaki hai | ज़मीन रौंद चुके आसमान बाक़ी है

  - Muzammil Raza
ज़मीनरौंदचुकेआसमानबाक़ीहै
अभीकहींकहींयेजहानबाक़ीहै
येदौरपैसेकाहैकुछपतानहींचलता
किकौनबिकगयाकिसकीज़बानबाक़ीहै
करेंवोलाखजतनफिरभीकुछनहींहोगा
अभीज़मीनपेउसकामकानबाक़ीहै
हमेंमिटादोमगरहक़तोछुपनहींसकता
गलाकटाहैअभीतोज़बानबाक़ीहै
येकहकेछोड़दियाक्यूँक़लम'मुज़म्मिल'ने
अभीतोऔरभीइकइम्तिहानबाक़ीहै
  - Muzammil Raza
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy