bazm-e-jaanaan ki rangat kuchh khaas hai | बज़्म-ए-जानाँ की रंगत कुछ खास है

  - Murli Dhakad
बज़्म-ए-जानाँकीरंगतकुछखासहै
लेकिनआजरिन्दकीतबियतउदासहै
कितनीआसानहैआदमीकीशक्ल
पढ़ताहूँकिहरचेहराउदासहै
हमनाचतेगातेहुएआतेथेकभी
आजस्कूलसेआतेहुएबच्चेउदासहै
फूलोंकेचाहनेवालेकेशौककोदेख
मुस्कुरातीहुईहरकलीउदासहै
नएख़्वाबकीता'बीरहोचुकीहै
आँखोंमेंपुरानीएकतस्वीरउदासहै
  - Murli Dhakad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy