ye dil ye paagal dil mira kyun bujh gaya aawaargi | ये दिल ये पागल दिल मिरा क्यूँँ बुझ गया आवारगी

  - Mohsin Naqvi
येदिलयेपागलदिलमिराक्यूँँबुझगयाआवारगी
इसदश्तमेंइकशहरथावोक्याहुआआवारगी
कलशबमुझेबे-शक्लकीआवाज़नेचौंकादिया
मैंनेकहातूकौनहैउसनेकहाआवारगी
लोगोंभलाइसशहरमेंकैसेजिएँगेहमजहाँ
होजुर्मतन्हासोचनालेकिनसज़ाआवारगी
येदर्दकीतन्हाइयाँयेदश्तकावीराँसफ़र
हमलोगतोउक्तागएअपनीसुनाआवारगी
इकअजनबीझोंकेनेजबपूछामिरेग़मकासबब
सहराकीभीगीरेतपरमैंनेलिखाआवारगी
उससम्तवहशीख़्वाहिशोंकीज़दमेंपैमान-ए-वफ़ा
उससम्तलहरोंकीधमककच्चाघड़ाआवारगी
कलराततन्हाचाँदकोदेखाथामैंनेख़्वाबमें
'मोहसिन'मुझेरासआएगीशायदसदाआवारगी
  - Mohsin Naqvi
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