जबतकनिगार-ए-दश्तकासीनादुखानथा
सहरामेंकोईलाला-ए-सहराखिलानथा
दोझीलेंउसकीआँखोंमेंलहराकेसोगईं
उसवक़्तमेरीउम्रकादरियाचढ़ानथा
जागीनथींनसोंमेंतमन्नाकीनागिनें
उसगंदुमीशराबकोजबतकचखानथा
ढूँडाकरोजहान-ए-तहय्युरमेंउम्रभर
वोचलतीफिरतीछाँवहैमैंनेकहानथा
इकबे-वफ़ाकेसामनेआँसूबहातेहम
इतनाहमारीआँखकापानीमरानथा
वोकालेहोंटजामसमझकरचढ़ागए
वोआबजिससेमैंनेवुज़ूतककियानथा
सबलोगअपनेअपनेख़ुदाओंकोलाएथे
एकहमऐसेथेकिहमाराख़ुदानथा
वोकालीआँखेंशहरमेंमशहूरथींबहुत
तबउनपेमोटेशीशोंकाचश्माचढ़ानथा
मैंसाहिब-ए-ग़ज़लथाहसीनोंकीबज़्ममें
सरपरघनेरेबालथेमाथाखुलानथा